यूँ तो स्त्री-पुरुष को उत्तेजित करने के लिए दोनों के शरीर में कई
'इरॉटिक नर्व्स' होती हैं, लेकिन इन सबसे कहीं अधिक उत्तेजित करने का काम
करता है मस्तिष्क या दोनों की बौद्धक क्षमता.
सीमा आनंद बताती है, 'आजकल हमारे समाज में एक शब्द बहुत इस्तेमाल हो रहा है— 'सेपिओसेक्शुअल'. इसका मतलब है कुछ औरतें सिर्फ़ बौद्धिक बातों से ही उत्तेजित होती हैं. करी़ब दो हज़ार साल पहले वात्स्यायन ने रिझाने की जिन 64 कलाओं की बात की है, उनमें से 12 मस्तिष्क से संबंधित हैं.''
''वो कहते हैं कि प्रेमियों को शाब्दिक पहेलियाँ खेलनी चाहिए. उनको विदेशी भाषा आनी चाहिए. अगर वो एक-दूसरे से किसी विषय पर अक्लमंदी से बात न कर पाएं तो वो प्रेम के खेल में पिछड़ जाएंगे और धीरे-धीरे दोनों के बीच आकर्षण जाता रहेगा.''
सीमा आनंद ने अपनी पुस्तक का एक पूरा अध्याय चुंबन की कला को समर्पित किया है. वो कहती है कि चुंबन की क्रिया में चेहरे की 34 और पूरे शरीर की 112 मांसपेशियाँ भाग लेती हैं.
सीमा आनंद की सलाह है, ''आप दिन में कुछ करें या न करें, सिर्फ़ एक चीज़ करें, आप अपने पार्टनर का दिन में एक बार ऐसा चुंबन लीजिएगा जो कम से कम 10 सेकेंड लंबा हो. मैंने काफ़ी शोध के बाद पाया है कि एक सामान्य चुंबन ज़्यादा से ज़्यादा 3 सेकेंड लंबा खिंचता है. तीन सेकेंड के बाद लोग सोचते हैं कि ये तो बहुत हो गया.''
''दस सेकेंड काफ़ी लंबा समय होता है. ये हमेशा प्रेमिका को याद रहता है क्योंकि इसका असर पड़ता है. ये बताता है कि आपके लिए मेरे जीवन में एक ख़ास जगह है. एक अच्छे चुंबन का आपके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. देखा गया है कि इससे सिर का दर्द और रक्तचाप की बीमारी दूर हो जाती है.''
स्त्री-पुरुष शारीरिक संबंधों में 'पैर' भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इस पर बहुत कम लोगों की नज़र गई है. सीमा आनंद का मानना है कि रिझाने की कला में पैर कुछ 'खास' होते हैं और महिलाओं को अपने चेहरे से ज़्यादा अपने पैरों की देख-रेख पर ध्यान देना चाहिए.
वो कहती हैं, ''हमारी सारी नर्व एंडिंग पैर में जा कर ख़त्म होती हैं. वो वैसे भी शरीर का सबसे संवेदनशील अंग होता है. आजकल हम अपने पैरों को जकड़ लेते हैं ऊँची एड़ी की सैंडिलों में. मेरा मानना है कि अगर आपको किसी को अपने पैरों के ज़रिए रिझाना है तो बैठिए, अपना सैंडिल उतारिए और अपना पैर थोड़ा इधर-उधर मोड़िए. उसे दिखाइए. वैसे भी ये शरीर के सबसे ख़ूबसूरत अंगों में से एक होता है.''
''बहुत से लोग अपने चेहरे पर बहुत 'मेक अप' लगा लेंगे, हाथों को 'मेनीक्योर' करा लेंगे, लेकिन पैरों पर ध्यान नहीं देंगे. उनकी एड़ियाँ फटी रहेंगी. अपने पैरों को हमेशा सुंदर बनाने का कोशिश करिए क्योंकि ये आपके शरीर का सबसे 'सेक्सी' अंग होता है. ''
सेक्स में खाने की भी अपनी अहमियत है. क्या खाया जाए, कब खाया जाए, कितना खाया जाए और कैसे खाया जाए, इन सबके कुछ न कुछ मायने हैं.
सीमा आनंद बताती हैं, ''अगर सेक्स से पहले खाना खा लिया जाए तो हमारे 'रेफ़लेक्सेज़' धीमे पड़ जाते हैं और खाने को पचाने में आपके शरीर की सारी ऊर्जा लग जाएगी. सेक्स के लिए न तो ऊर्जा बचेगी और न ही इच्छा.''
खाना हमेशा सेक्स के बाद खाना चाहिेए और अच्छा खाना खाना चाहिए. वात्स्यायन कहते हैं कि इस समय प्रेमी अपनी प्रेमिका को बहुत प्यार से खिलाता है. वो हर चीज़ को चखता है और अगर उसका स्वाद अच्छा हुआ तो उसे अपनी प्रेमिका की तरफ़ बढ़ाता है. हम अक्सर कहते हैं कि हम 'डेट' पर जा रहे है. किसी अच्छे रेस्तराँ में खाना खाएंगे.''
''लेकिन चाहे जितना अच्छा खाना हो जाए, जितनी अच्छी बातें हो जाएं या जितनी अच्छी फ़्लर्टिंग हो जाए, प्रेमी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते क्योंकि खाने के बाद शरीर की क्षमता पर तो असर पड़ता ही है.''में दी गई ख़बर के मुताबिक भारतीय सेना अगले चार से पांच सालों में 1,50,000 नौकरियों में कटौती कर सकती है.
थल सेना में बड़े स्तर पर की गई एक समीक्षा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि सेना को अपना प्रभाव बढ़ाने और भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयारी करनी चाहिए.
इस फ़ैसले की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने ये बात कही. इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे.
सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के पैनल ने ये समीक्षा की है.
अभी तक व्हाट्सऐप से तलाक देने के मामले सामने आते थे, लेकिन एक मामले में जज ने आदेश ही व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए दे दिया.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार झारखंड में हज़ारीबाग की एक अदालत के जज ने व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए आदेश दे दिया.
इस जज ने आरोप तय करते हुए कॉल के ज़रिए ही अभियुक्तों को मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया. फिर जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो शीर्ष अदालत ने इस तरह फ़ैसला देने पर नाराज़गी जताई और कहा कि ऐसे मज़ाक को अदालत में मंज़ूरी कैसे दी गई.
ये मामला 2016 के दंगों से जुड़ा है और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला इसमें अभियुक्त हैं. में दी गई एक ख़बर में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि घृणा फैलाने और भीड़ की हिंसा जैसे मामलों में शामिल लोग ख़ुद को राष्ट्रवादी नहीं कह सकते.
उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सिर्फ़ क़ानून ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाना भी ज़रूरी है.
इस मसले के राजनीतिकरण पर नाराज़गी जताते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि इसे राजनीतिक दलों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
वेंकैया नायडू ने एक साक्षात्कार के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने ये भी कहा कि' भीड़ की हिंसा का चलन कोई नया नहीं है. पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं. जब आप किसी दूसरे की हत्या करते हैं तो ख़ुद को राष्ट्रवादी कैसे कह सकते हैं?'की एक ख़बर में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि काम करने के बदले यौन संबंध की मांग करना या इसे स्वीकार करना भी रिश्वत माना जाएगा.
अधिकारी के मुताबिक संशोधित भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून में रिश्वत की परिभाषा सिर्फ़ आर्थिक या धन के रूप में आकलन लायक संपत्ति तक सीमित नहीं रखी गई.
यौन संबंध की ऐसी मांग के मामले में सात साल जेल तक की सज़ा हो सकती है.
सीमा आनंद बताती है, 'आजकल हमारे समाज में एक शब्द बहुत इस्तेमाल हो रहा है— 'सेपिओसेक्शुअल'. इसका मतलब है कुछ औरतें सिर्फ़ बौद्धिक बातों से ही उत्तेजित होती हैं. करी़ब दो हज़ार साल पहले वात्स्यायन ने रिझाने की जिन 64 कलाओं की बात की है, उनमें से 12 मस्तिष्क से संबंधित हैं.''
''वो कहते हैं कि प्रेमियों को शाब्दिक पहेलियाँ खेलनी चाहिए. उनको विदेशी भाषा आनी चाहिए. अगर वो एक-दूसरे से किसी विषय पर अक्लमंदी से बात न कर पाएं तो वो प्रेम के खेल में पिछड़ जाएंगे और धीरे-धीरे दोनों के बीच आकर्षण जाता रहेगा.''
सीमा आनंद ने अपनी पुस्तक का एक पूरा अध्याय चुंबन की कला को समर्पित किया है. वो कहती है कि चुंबन की क्रिया में चेहरे की 34 और पूरे शरीर की 112 मांसपेशियाँ भाग लेती हैं.
सीमा आनंद की सलाह है, ''आप दिन में कुछ करें या न करें, सिर्फ़ एक चीज़ करें, आप अपने पार्टनर का दिन में एक बार ऐसा चुंबन लीजिएगा जो कम से कम 10 सेकेंड लंबा हो. मैंने काफ़ी शोध के बाद पाया है कि एक सामान्य चुंबन ज़्यादा से ज़्यादा 3 सेकेंड लंबा खिंचता है. तीन सेकेंड के बाद लोग सोचते हैं कि ये तो बहुत हो गया.''
''दस सेकेंड काफ़ी लंबा समय होता है. ये हमेशा प्रेमिका को याद रहता है क्योंकि इसका असर पड़ता है. ये बताता है कि आपके लिए मेरे जीवन में एक ख़ास जगह है. एक अच्छे चुंबन का आपके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. देखा गया है कि इससे सिर का दर्द और रक्तचाप की बीमारी दूर हो जाती है.''
स्त्री-पुरुष शारीरिक संबंधों में 'पैर' भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इस पर बहुत कम लोगों की नज़र गई है. सीमा आनंद का मानना है कि रिझाने की कला में पैर कुछ 'खास' होते हैं और महिलाओं को अपने चेहरे से ज़्यादा अपने पैरों की देख-रेख पर ध्यान देना चाहिए.
वो कहती हैं, ''हमारी सारी नर्व एंडिंग पैर में जा कर ख़त्म होती हैं. वो वैसे भी शरीर का सबसे संवेदनशील अंग होता है. आजकल हम अपने पैरों को जकड़ लेते हैं ऊँची एड़ी की सैंडिलों में. मेरा मानना है कि अगर आपको किसी को अपने पैरों के ज़रिए रिझाना है तो बैठिए, अपना सैंडिल उतारिए और अपना पैर थोड़ा इधर-उधर मोड़िए. उसे दिखाइए. वैसे भी ये शरीर के सबसे ख़ूबसूरत अंगों में से एक होता है.''
''बहुत से लोग अपने चेहरे पर बहुत 'मेक अप' लगा लेंगे, हाथों को 'मेनीक्योर' करा लेंगे, लेकिन पैरों पर ध्यान नहीं देंगे. उनकी एड़ियाँ फटी रहेंगी. अपने पैरों को हमेशा सुंदर बनाने का कोशिश करिए क्योंकि ये आपके शरीर का सबसे 'सेक्सी' अंग होता है. ''
सेक्स में खाने की भी अपनी अहमियत है. क्या खाया जाए, कब खाया जाए, कितना खाया जाए और कैसे खाया जाए, इन सबके कुछ न कुछ मायने हैं.
सीमा आनंद बताती हैं, ''अगर सेक्स से पहले खाना खा लिया जाए तो हमारे 'रेफ़लेक्सेज़' धीमे पड़ जाते हैं और खाने को पचाने में आपके शरीर की सारी ऊर्जा लग जाएगी. सेक्स के लिए न तो ऊर्जा बचेगी और न ही इच्छा.''
खाना हमेशा सेक्स के बाद खाना चाहिेए और अच्छा खाना खाना चाहिए. वात्स्यायन कहते हैं कि इस समय प्रेमी अपनी प्रेमिका को बहुत प्यार से खिलाता है. वो हर चीज़ को चखता है और अगर उसका स्वाद अच्छा हुआ तो उसे अपनी प्रेमिका की तरफ़ बढ़ाता है. हम अक्सर कहते हैं कि हम 'डेट' पर जा रहे है. किसी अच्छे रेस्तराँ में खाना खाएंगे.''
''लेकिन चाहे जितना अच्छा खाना हो जाए, जितनी अच्छी बातें हो जाएं या जितनी अच्छी फ़्लर्टिंग हो जाए, प्रेमी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते क्योंकि खाने के बाद शरीर की क्षमता पर तो असर पड़ता ही है.''में दी गई ख़बर के मुताबिक भारतीय सेना अगले चार से पांच सालों में 1,50,000 नौकरियों में कटौती कर सकती है.
थल सेना में बड़े स्तर पर की गई एक समीक्षा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि सेना को अपना प्रभाव बढ़ाने और भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयारी करनी चाहिए.
इस फ़ैसले की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने ये बात कही. इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे.
सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के पैनल ने ये समीक्षा की है.
अभी तक व्हाट्सऐप से तलाक देने के मामले सामने आते थे, लेकिन एक मामले में जज ने आदेश ही व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए दे दिया.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार झारखंड में हज़ारीबाग की एक अदालत के जज ने व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए आदेश दे दिया.
इस जज ने आरोप तय करते हुए कॉल के ज़रिए ही अभियुक्तों को मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया. फिर जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो शीर्ष अदालत ने इस तरह फ़ैसला देने पर नाराज़गी जताई और कहा कि ऐसे मज़ाक को अदालत में मंज़ूरी कैसे दी गई.
ये मामला 2016 के दंगों से जुड़ा है और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला इसमें अभियुक्त हैं. में दी गई एक ख़बर में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि घृणा फैलाने और भीड़ की हिंसा जैसे मामलों में शामिल लोग ख़ुद को राष्ट्रवादी नहीं कह सकते.
उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सिर्फ़ क़ानून ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाना भी ज़रूरी है.
इस मसले के राजनीतिकरण पर नाराज़गी जताते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि इसे राजनीतिक दलों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
वेंकैया नायडू ने एक साक्षात्कार के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने ये भी कहा कि' भीड़ की हिंसा का चलन कोई नया नहीं है. पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं. जब आप किसी दूसरे की हत्या करते हैं तो ख़ुद को राष्ट्रवादी कैसे कह सकते हैं?'की एक ख़बर में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि काम करने के बदले यौन संबंध की मांग करना या इसे स्वीकार करना भी रिश्वत माना जाएगा.
अधिकारी के मुताबिक संशोधित भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून में रिश्वत की परिभाषा सिर्फ़ आर्थिक या धन के रूप में आकलन लायक संपत्ति तक सीमित नहीं रखी गई.
यौन संबंध की ऐसी मांग के मामले में सात साल जेल तक की सज़ा हो सकती है.
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